Followers

Tuesday, 28 July 2015

कलाम जी को भावभीनी श्रद्धांजलि



Friday, 10 July 2015

'चरित्रहीन'



जब पहली बार तुमने मुझे
२० मिनट तक चूमा
और उस बेहतरीन 'फ्रेंच किस' के बाद
तुमने हंसकर कहा कि तुम तो
मुझसे भी अच्छी तरह किस करती हो
और मैंने यह सुनकर दी थी तुम्हें
एक तिरछी स्माइल
जैसे मैं तो बड़ी एक्सपर्ट रही हूँ
***
और फिर उस शाम जब मैंने कहा
कि मैं नहीं पीती शराब
तो तुमने कहा कि नाक बंद करो
और एक सिप में पी लो
किसी कड़वी दवाई की तरह
फिर भी मेरे न मानने पर
तुमने जिद-जिद में लगायी थी शर्त
कि कौन अपना पैग पहले ख़त्म करता है
फिर हारकर मैंने मान ली तुम्हारी बात
और मुझसे हारने पर तुमने हंसकर कहा
कि तुम तो लगती हो बड़ी दारूखोर
***
फिर वैलेंटाइन डे की उस रात
जब तुमने जिद की कि
आज यहीं रुक जाओ मेरे पास
और मैंने भी प्रेम में बेसुध
मान ली तुम्हारी बात
हालाँकि उसके पहले कई बार
मैं कर चुकी थी इंकार
***
और फिर जब हज़ार इंकार के बाद भी
तुम्हारी छटपटाहट को देखकर
मैंने लांघी थी वो 'पवित्रता' वाली रेखा
और आवारा होकर हमने किया था 'सेक्स'
उसके बाद अगली सुबह तुमने
मेरा माथा चूमकर कहा था
कि तुम्हारे जैसी कोई नहीं
***
पिछले हफ्ते 'ब्रेकअप' के बाद
जब मैं भिगो रही थी अपना तकिया
तब सुनने में आया कि हमारी ये अंतरंग बातें
अब हो चुकी हैं सरेआम
और तुमने साबित कर दिया है
इन सब बातों की बुनियाद पर मुझे
'चरित्रहीन'


-एकता नाहर